‘लालकृष्ण आडवाणी’ बने भारत रत्न सम्मान पाने वाले 50वें शख्स

February 8, 2024

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) को भारत रत्न सम्मान देने की घोषणा हुई है। आपको बता दे की लाल कृष्ण आडवाणी 50वें शख्स हैं, जिन्हें यह सम्मान दिया जाएगा। इनसे पहले 23 जनवरी को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न (मरणोपरांत) देने का ऐलान किया जा चुका है। ध्यान रहे की केंद्र सरकार एक साल में 3 लोगों को “भारत रत्न” से सम्मानित कर सकती है।

भारत रत्न सम्मान के बारे में



◉ भारत रत्न से नवाजे जाने वाले व्यक्ति को राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर की हुई सनद (प्रमाण पत्र) और एक पदक दिया जाता है।

◉ इसमें कोई धन राशि नहीं होती है।

◉ शुरू में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, लेकिन वर्ष 1955 में बाद में यह प्रावधान जोड़ा गया।

◉ इस पदक के डिज़ाइन में तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम का चमकता सूर्य बना होता है, जिसके नीचे चाँदी में लिखा रहता है “भारत रत्न” और यह सफ़ेद फीते के साथ गले में पहना जाता है।

भारत रत्न सम्मान विजेता 1954 से …..



1954 : डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (दूसरे राष्ट्रपति)

1954 : सी. राजगोपालाचारी (अंतिम गवर्नर जनरल)

1954 : डॉ. सी वेंकट रमन (नोबेल पुरस्कार सम्मानित भौतिकशास्त्री)

1955 : डॉ. भगवान दास (स्वतंत्रता सेनानी)

1955 : डॉ. विश्वेशरय्या (सिविल इंजीनियर)

1955 : जवाहरलाल नेहरू (प्रथम प्रधानमंत्री)

1957 : गोविंद वल्लभ पंत (स्वतंत्रता सेनानी)

1957 : डॉ. धोंडो केशव कर्वे (समाज सुधारक)

1958 : डॉ. बीसी रॉय (पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री)

1961 : पुरुषोत्तम दास टंडन (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी)

1961 : डॉ. राजेंद्र प्रसाद (प्रथम राष्ट्रपति)

1963 : डॉ. जाकिर हुसैन (तीसरे राष्ट्रपति)

1963 : डॉ. पीवी काणे (संस्कृत के विद्वान)

1966 : लाल बहादुर शास्त्री (तीसरे प्रधानमंत्री) मरणोपरान्त

1971 : इंदिरा गांधी (चौथी प्रधानमंत्री)

1975 : वीवी गिरी (चौथे राष्ट्रपति)

1976 : के. कामराज (स्वतंत्रता सेनानी) मरणोपरान्त

1980 : मदर टेरेसा (नोबेल पुरस्कार सम्मानित, मिशनरीज की संस्थापक)

1983 : आचार्य विनोबा भावे (स्वतंत्रता सेनानी) मरणोपरान्त

1987 : खां अब्दुल गफ्फार खां (स्वतंत्रता सेनानी) पहले गैर-भारतीय

1988 : एमजी रामचंद्रन (अभिनेता, तमिलनाडु के सीएम) मरणोपरान्त

1990 : डॉ. अंबेडकर (संविधान के रचयिता) मरणोपरान्त

1990 : नेल्सन मंडेला (नोबेल पुरस्कार सम्मानित, रंगभेद विरोधी आंदोलन के नेता)

1991 : राजीव गांधी (सातवें प्रधानमंत्री) मरणोपरान्त

1991 : सरदार वल्लभ भाई पटेल (पहले गृहमंत्री, स्वतंत्रता सेनानी) मरणोपरान्त

1991 : मोरारजी देसाई (पांचवें प्रधानमंत्री)

1992 : मौलाना आजाद (पहले शिक्षा मंत्री) मरणोपरान्त

1992 : जेआरडी टाटा, (उद्योगपति) मरणोपरान्त

1992 : सत्यजीत रे (फिल्मकार)

1997 : एपीजे अब्दुल कलाम (वैज्ञानिक)

1997 : गुलजारीलाल नंदा (दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे)

1997 : अरुणा असफ अली (स्वतंत्रता सेनानी) मरणोपरान्त

1998 : एमएस सुब्बालक्ष्मी (शास्त्रीय गायिका)

1998 : सी. सुब्रमण्यम (स्वतंत्रता सेनानी)

1998 : जयप्रकाश नारायण (स्वतंत्रता सेनानी, जेपी मूवमेंट के जनक) मरणोपरान्त

1999 : पंडित रविशंकर (सितार वादक)

1999 : अमर्त्य सेन (नोबेल पुरस्कार सम्मानित अर्थशास्त्री)

1999 : गोपीनाथ बोरदोलोई (स्वतंत्रता सेनानी) मरणोपरान्त

2001 : लता मंगेशकर (पार्श्व गायिका)

2001 : उस्ताद बिस्मिल्ला खां (शहनाई वादक)

2008 : पंडित भीमसेन जोशी (शास्त्रीय गायक)

2014 : सचिन तेंडुलकर (क्रिकेटर)

2014 : सीएनआर राव (वैज्ञानिक और रसायनशास्त्री)

2014 : अटल बिहारी वाजपेयी (पूर्व प्रधानमंत्री)

2014 : पं. मदनमोहन मालवीय (शिक्षाविद)

2019 : प्रणब मुखर्जी (पूर्व राष्ट्रपति)

2019 : भूपेन हजारिका (गायक)

2019 : नानाजी देशमुख (विचारक, समाजसेवी)

2024 : कर्पूरी ठाकुर (पूर्व मुख्यमंत्री)

2024 : लाल कृष्णा आडवाणी (पूर्व उपप्रधानमंत्री)

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